रात भर तकिये से लिपट के सोता रहा
और तुम कहते हो के मुझे तेरी याद नहीं आती
दिल अब भी तुझे याद करता है,
बस इन लबों पे ये बात, हर बार नहीं आती।
तेरी कमी का एहसास
मुझे हर पल होता है
तू पास नहीं मेरे
फिर भी तू मेरे पास ही सोता है।
तेरी खुशियों से बढ़कर
कोई चीज न चाही मैंने
फिर भी रह गई कुछ कमी
जो अक्सर मुझे दिखाई तुमने।
आज भी ये लगता है
के हर कदम तुम साथ निभाओगे
मुझसे दूर होने की बात करती हो
बोलो कैसे मुझे भुला पाओगे?
आज भी तकिये से लिपट के सोता हूँ
तू नहीं, तेरा एहसास ही सही
पर ओ मेरे माही!
मैं हर पल तेरे साथ ही होता हूँ।
#महेश_माही
27/09/16
6:44 am
